समझ नही आता कि ये जिंदगी आखिर चाहती क्या है !
कभी लगता है जीवन बस खुशियों का मेला है और बस प्यार ही प्यार बिखरा है हर तरफ।और पलक झपकाते ही पूरा दृश्य बदल जाता है। आसुओं की ऐसी बौछार शुरू हो जाती है जो थमने का नाम ही नहीं लेती।क्यों ऐसे इम्तहान लेती रहती है ये जिन्दगी जिसे पास करना बड़ा कठिन हो जाता है।लेकिन ये जरूर जान गई हूं मैं कि हर इम्तिहान एक नया अनुभव जरूर दे जाता है और साथ में ढेर सारी हिम्मत भी अगले एक और नए कठिन इम्तिहान के लिए।