जमाने के देखे है रंग हजार , नही कुछ सिवा प्यार के

जब भी जिंदगी से लड़ते लड़ते थक जाती हूं और पीछे मुड़ कर देखती हूं तो बस एक ही सहारा नजर आता है।माता पिता का प्यार भरा आंचल। जिसमे खुद को छुपा कर मैं अपने सारे दुखों को भूल जाती हूं।क्या उनसे बड़ा वेलेंटाइन कोई और हो सकता है  दुनिया में । ये जो बाबू , शोना आते जाते रहते है न जीवन मे इन्हे कभी भी भूल कर अपने माता पिता के प्यार से तौलने की कोशिश न करना।। क्योंकि इन दोनो के प्यार के सामने दुनिया के हर प्यार का वजन हल्का पड़ जाता है।

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