शिव का सत्य
कहते है शिव से बड़ा दूसरा कोई नही हैं । जिसने शिव के सत्य को जान लिया उसका बेड़ा पार ही लगा समझो। परंतु क्या शिव को समझना इतना ही आसान है ? भोलेबाबा के नाम से जिनकी पहचान हैं क्या सच में उन्हें पाना , उन्हें जानना इतना सरल है।जिनका स्वयं का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था , जिन्होने दुनिया को बचाने के लिए स्वयं विषपान कर लिया था । जिसे वो बेहद प्यार करते थे उस सती की मृतदेह अपने हाथ में उठा कर भी उन्होंने स्वयं को संयत रखा। बहुत मुश्किल होता है उनका जीवन जो दूसरों के जीवन के लिए उदाहरण स्वरूप जीवन बिताते है।
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