जीवन के कुछ गलत चयन का परिणाम।

जीवन में सबको कभी न कभी अपने हिसाब से जीवन जीने का मौका जरूर मिलता है।।पर उसे समझकर उसका फायदा जो ले लेता है वो तो जीवन में सुख पा लेता है पर जो इस मौके को गवां देता है उसके पास पूरी जिंदगी सिवा पछताने के कुछ नही बचता। ये अफसोस इंसान को अंदर ही अंदर दीमक की तरह धीरे धीरे खाता रहता है और खोखला बनाता जाता है।इतना खोखला कि इंसान कब अंदर से पूरी तरह से खाली हो जाता है उसे खुद को भी पता नहीं चलता है।

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